जब तुम रोज़े से हो और कोई लड़ना चाहें या गली दे तो तो जवाब में कह दो की मैं रोज़े से हूँ. रोज़ेदार के मुँह की बू (Smell) अल्लाह के नज़दीक खुसबू से भी ज़्यादा पसंदीदा है-
जब तुम रोज़े से हो और कोई लड़ना चाहें या गली दे तो तो जवाब में कह दो की मैं रोज़े से हूँ.
रोज़ेदार
के
मुँह
की
बू (Smell)
अल्लाह
के
नज़दीक
खुसबू
से
भी
ज़्यादा
पसंदीदा
है-
नबी क्रीम ﷺ ने फरमाया अल्लाह पाक फरमाता है के इब्ने आदम का हर नेक अमाल खुद इसी के लिए है मगर रोज़े के वो खास मेरे लिए है मगर रोज़े के वो खास मेरे लिए है और में ही इसका बदला दूंगा और रोज़ गुनाहों की एक ढसाल हैं, अगर कोई रोज़ से हो तो उसे फेष गोई नाह करनी चाहिए और नाह शोर मचाये, अगर कोई शख्स इस कोगाली दे या लड़ना या चाहे तो इस का जवाब सिर्फ यह हो के मैं एक रोज़ दार आफ्मी हुन,इस ज़ात की कसम जिसके हाथ में मोहम्मद
ﷺ की जान है ,रोज़ दार के मोह की बू अल्लाह ताला के नज़दीक मूषक खुशबू से बजी ज़ियादा पसंदीदाह है , रोज़ दार को दो खुसिहयन हासिल होंगी (एक तो जब) वो इफ़्तार करता हैं तो खुश होता है और (दूसरा) जब वो रब से मुलाक़ात करेगा तो अपने रोज़ का सवाब पा कर खुश होगा 📚 [Sahi
bukhari
:-1904]
(👉 हर
बात
दलील
के
साथ)
Comments
Post a Comment