जो रोज़े की हालात में झूठ बोलना और दागा बाज़ी करना न छोरे तो अल्लाह को ऐसे रोज़े की कोई ज़रूरत नही हैं-
जो रोज़े की हालात में झूठ बोलना और दागा बाज़ी करना न छोरे तो अल्लाह
को
ऐसे
रोज़े
की
कोई
ज़रूरत
नही
हैं-
रोसूल अल्लाह
ﷺ ने फ़रमाया अगर कोई शख़्स झूठ बोलना और दाग़ बाज़ी करना (रोज़े
रख कर भी) नहीं छोरे तो अल्लाह ताला को इसकी कोई ज़रूरत नही के वो अपना खाना पीना छोरे दे
📚 [Sahi bukhari:1903]
(👉 हर
बात
दलील
के
साथ)
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