बहाना बनाना भी एक मर्ज है नहीं तो नमाज़ हरेक पर फ़र्ज़ है
बहाना बनाना भी एक मर्ज है नहीं तो नमाज़ हरेक पर फ़र्ज़ है
नमाज़ ना पढ़ने वालों का अंजाम नमाज़ छोड़ने वाला क़ाफ़िर हो जाता है बन्दा इंसान ईमान कुफ़्र के बीच फ़र्क नमाज़ है नमाज़ तर्क करने से बन्दा मुशरिक करार पाता है
Sahih muslim H No 82
Sahih At Targeeb 1/368,8 68
Sur Ar Rum 30:31
और तुम कईम रखो नमाज़ और तुम सिर्क करने वालों में से ना हो
SAHIH BUKHARI 1143,1144
रसूलल्लाह के पास एक शख्स का जिक्र आया वह सुबह तक सोता रहा फर्ज नमाज़ के लिए भी नहीं उठा तो नबी ने कहा शैतान ने उसके कान में पेशाब कर दिया
नबी करीम सलल्ललाहु अलैहि वसल्लम ने ख़्वाब बयान करते हुए फ़रमाया जिसका सर पत्थर से कुचला जा रहा था वह क़ुरान हाफिज था और फर्ज नमाज़ पढ़े बेगैर सो जाया करता था
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