कुरान हकीम को समझे बगैर अपने अकाइद और नजरीयात बनाना सरासर गुमराही हैं📚
कुरान हकीम को समझे बगैर अपने अकाइद और नजरीयात बनाना सरासर गुमराही हैं📚
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यकीनन हमने कुरान को नसीहत के लिए आसान कर दिया पस क्या हैं कोई नसीहत हासिल करने वाला
📗कुराम सूरह अल कमर 54:22
ये बाबरकत किताब हैं जिसे हमने आपकी तरफ इसलिए नाजिल फरमाया कि लोग आयतों पर गौर फिक्र करें और अकलमंद इससे नसीहत हासिल करें
📗कुरान सूरह साद 38:29
और इनसे जब कभी कहा जाता हैं कि अल्लाह तआला की उतारी हुई किताब कि ताबेदारी करों तो जवाब देते हैं कि हम तो उस तरीके कि पैरवी करेंगे जिस पर हमने अपने बाप दादाओं को पाया अगरचे उनके बाप दादा कुछ भी नहीं समझते हो और न ही राहें रास्ते ही पर चलते थे
📗कुरान सूरह बकरा 2:170
वो जिसे चाहे हिकमत और दानाई देता हैं और जिस शख्स को हिकमत और समझ दिया जाए वो बहुत सारी भलाई दिया गया और नसीहत सिर्फ अकलमंद ही हासिल करते हैं
📗कुरान सूरह बकरा 2:269
और दुनिया में ज्यादा लोग ऐसे हैं कि अगर आप उनका कहना मानने लगें तो वो आपको अल्लाह कि राह से बेराह कर दें वो महज बेअसल ख्यालात पर चलते हैं और बिलकुल क्यासी बाते करते हैं
📗कुरान सूरह अन अनआम 6:116
और इस दिन जालिम शख्स अपने हाथों को चबा चबा कर कहेगा हाए काश कि मैंने रसूल ﷺ कि राह इख्तियार की होती हाए काश कि मैंने फला दोस्त न बनाये होते इसने तो मुझे इसके बाद गुमराह कर दिया कि नसीहत मेरे पास आ पहुंची थी और शैतान तो इन्सान को वक़्त पर दगा देने वाला हैं और रसूल ﷺ कहेंगे ऐ मेरे अल्लाह बेशक मेरी उम्मत इस कुरान को छोड़ रखा था
📗कुरान सूरह फुरकान 25:27 toh 30
और जब इन्हें इनके रब का कलाम की आयतें सुनाई जाती हैं तो वो अंधे बहरे होकर इन पर नहीं गिरता है
📗कुरान सूरह फुरकान 25:73
ऐ ईमान लानेवालो अल्लाह और उसके रसूल का कहना मानों और उससे मुँह न फेरो जबकि तुम सुन रहे हो और उन लोगों की तरह न होना जो दावा तो करते हैं कि हमने सुन लिया हालाकि वो सुनते कुछ नहीं बेशक बदतरीन खलाइक अल्लाह तआला के नजदीक वो लोग हैं जो बहरे हैं गुंगे हैं जो जरा नहीं समझते और अगर अल्लाह तआला उनमें कोई खुबी देखता तो उनको सुनने कि तौफिक दे देता और अगर उनको अब सुना दें तो जरूर रूर्गदानी करेंगे बेरुखी करते हुए
📗कुरान सूरह अनफाल 8:20,23
अब जब उनसे कहा जाता है कि उस चीज़ का अनुसरण करो जो अल्लाह न उतारी है तो कहते है नहीं बल्कि हम तो उस चीज़ का अनुसरण करेंगे जिसपर हमने अपने बाप-दादा को पाया है क्या यद्यपि शैतान उनको भड़कती आग की यातना की ओर बुला रहा हो तो भी
📗कुरान सूरह लुकमान 31:21
हालाँकि इस विषय में उन्हें कोई ज्ञान नहीं वे केवल अटकल के पीछे चलते है हालाँकि सत्य से जो लाभ पहुँचता है वह अटकल से कदापि नहीं पहुँच सकता
अन-नज्म 53:28
निश्चय ही हमने बहुत-से जिन्नों और मनुष्यों को जहन्नम ही के लिए फैला रखा है। उनके पास दिल है जिनसे वे समझते नहीं उनके पास आँखें है जिनसे वे देखते नहीं उनके पास कान है जिनसे वे सुनते नहीं। वे पशुओं की तरह है बल्कि वे उनसे भी अधिक पथभ्रष्ट है। वही लोग है जो ग़फ़लत में पड़े हुए है
📗कुरान सूरह आराफ़ 7:179
ऐ लोगो! तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से उपदेश औऱ जो कुछ सीनों में (रोग) है उसके लिए रोगमुक्ति और मोमिनों के लिए मार्गदर्शन और दयालुता आ चुकी है
यूनुस 10:58
वास्तव में यह क़ुरआन वह मार्ग दिखाता है जो सबसे सीधा है और उन मोमिमों को, जो अच्छे कर्म करते है, शूभ सूचना देता है कि उनके लिए बड़ा बदला है अल-इस्र और यह कि जो आख़िरत को नहीं मानते उनके लिए हमने दुखद यातना तैयार कर रखी है
📗कुरान सूरह अल-इस्र 17:9,10
रुजू हो अपने रब की ओर और उसके आज्ञाकारी बन जाओ इससे पहले कि तुमपर यातना आ जाए। फिर तुम्हारी सहायता न की जाएग और अनुसर्ण करो उस सर्वोत्तम चीज़ का जो तुम्हारे रब की ओर से अवतरित हुई है इससे पहले कि तुम पर अचानक यातना आ जाए और तुम्हें पता भी न हो कहीं ऐसा न हो कि कोई व्यक्ति कहने लगे हाय अफ़सोस उसपर जो कोताही अल्लाह के हक़ में मैंने की। और मैं तो परिहास करनेवालों मं ही सम्मिलित रहा या कहने लगे कि यदि अल्लाह मुझे मार्ग दिखाता तो अवश्य ही मैं डर रखनेवालों में से होता या जब वह यातना देखे तो कहने लगे काश मुझे एक बार फिर लौटकर जाना हो तो मैं उत्तमकारों में सम्मिलित हो जाऊँ
क्यों नहीं मेरी आयतें तेरे पास आ चुकी थीं किन्तु तूने उनको झूठलाया और घमंड किया और इनकार करनेवालों में सम्मिलित रहा
📗कुरान सूरह जुमर 39:54,59
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