नबी सल्ललाहो अलेही वसल्लम से मुहब्बत करना मोमीन की निशानी है*
*नबी सल्ललाहो अलेही वसल्लम से मुहब्बत करना मोमीन की निशानी है*
दलील 👇
"हजरत अनस रदियल्लाहो अन्हो से रिवायत है कि नबी सल्ललाहो अलेही वसल्लम ने फरमाया-"तुम में से कोई शख्स मोमीन नहीं हो सकता जब तक के मैं(नबी सल्ल)उस के नजदीक उस के वालिद और उस की औलाद और उस के तमाम लोगों से ज्यादा महबूब न हो जाऊँ"।
📗सहीह बुखारी शरीफ हदीस-15
*लेकिन मुहब्बत में हद से बढ़ाना यहुदियो और नसरानियो की निशानी है*
दलील 👇
"रसुलूल्लाह सल्ललाहो अलेही वसल्लम ने फरमाया-"मुझे मेरे मर्तबे से ज्यादा न बढाओ जैसे ईसा इब्ने मरयम अलेहीस्सलाम को नसारा ने उनके मर्तबे से ज्यादा बढ़ा दिया।मैं तो सिर्फ अल्लाह का बन्दा हूँ इसलिए (मेरे बारे में)यही कहा करो कि मैं अल्लाह का बंदा और उस का रसूल हूँ।"
📗सहीह बुखारी हदीस-3445
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