*बार_बार_हज_करने_की_फजीलत*
*बार_बार_हज_करने_की_फजीलत*
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🌺उमर रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है की रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम ने फ़रमाया बार बार हज और उमरा किया करो क्यूंकि बार बार हज और उमरा करना गरीबी और गुनाहों को ऐसे खत्म कर देता है जैसे भट्टी लोहे के मैल को खत्म कर देती है
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*सुनन इब्न माजा , जिल्द 2, हदीस : 1044* 📚
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अल्लाह हम सब को पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फरमाये और नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बताये हुए रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमाये अमीन |
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