*जुमे_की_नमाज़_के_लिए_पहले_आने_का_सवाब*
*जुमे_की_नमाज़_के_लिए_पहले_आने_का_सवाब*
🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹
✦ अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया जब ज़ूमा का दिन आता है तो फरिश्ते मस्जिद के दरवाज़े पर आने वालों का नाम लिखते हैं सबसे पहले आने वाला ऊँट की क़ुर्बानी देने वाले की तरह लिखा जाता है, उसके बाद आने वाला गाय की क़ुर्बानी देने वाले की तरह फिर मैंडे (भेड़) की क़ुर्बानी का सवाब मिलता है , उसके बाद मुर्गी का, उसके बाद अंडे का लेकिन जब इमाम (ख़ुतबा देने के लिए) बाहर आ जाता है तो ये फरिश्ते अपने दफ़्तर बंद कर देते हैं और ख़ुतबा सुनने में मशगूल हो जाते हैं.
🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸
*#सही_बुखारी_जिल_2_#929* 📚
🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹
अल्लाह हम सब को पढ़ने से ज्यादा अमल करने की तौफीक अता फरमाये और नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बताये हुए रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमाये अमीन |
दीनी मैसेज से रूबरू होने के लिए हमारे पेज को ज्यादा से ज्यादा लाईक और शेयर करें
एडमिन=) Jubair Khan
Comments
Post a Comment