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👉👉क्या नेक लोग क़ब्रों में ज़िंदा है...??
लोगो का ये गुमान के जो लोग नेक होते हैं और अपनी कब्रो मे ज़िन्दा हैं| इस बारे मे अकसर कुरान की ये दलील देते हैं कि-
और जो लोग अल्लाह की राह मे मारे गये उन्हे मुर्दा न सम्झो बल्कि वो ज़िन्दा हैं मगर तुम्हे शऊर नही|
📚(सूरह अल बकरा 2/169)
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और जो लोग अल्लाह की राह मे शहीद किये गये उन्हे मुर्दा न समझो बल्कि वो ज़िन्दा हैं और अपने रब के पास रोज़ी पा रहे हैं|
📚(सूरह अल इमरान 3/169)
इस दोनो आयतो के शुरुआत मे ही अल्लाह ने फ़रमा दिया “जो लोग अल्लाह की राह मे मारे गये और शहीद किये गये” लिहाज़ा जो नेक लोग अल्लाह की राह मे मारे गये या शहीद किये गये यानि की वो मर चुके| क्योकि शहीद कोई शख्स मरने के बाद ही होता हैं बिना मरे कोई इन्सान शहीद के दर्जे को नही पहुंच सकता| इन आयतो का दूसरा हिस्सा ये बताता हैं के “तुम्हे शऊर नही और वो अल्लाह के पास रोज़ी पा रहे हैं” यानि वो जिस तरह ज़िन्दा हैं हमे उनकी ज़िन्दगीयो के बारे मे कुछ नही पता| जिस तरह इन्सान जब अपने मां के पेट मे होता हैं और अल्लाह उसे वहा भी रोज़ी देता हैं पर न तो दुनिया मे आने ले बाद किसी इन्सान को उस ज़िन्दगी का शऊर होता हैं न ही उसे ये पता होता हैं के वो किस तरह वहा रोज़ी पा रहा होता हैं ठीक उसी तरह नेक लोगो के मरने के बाद की ज़िन्दगी या शहीद होने वालो की ज़िन्दगी का हमे कुछ पता नही| मज़ीद अल्लाह ने कुरान मे फ़रमाया –
आग हैं जिसके सामने वो लोग सुबह व शाम लाये जाते हैं और जिस दिन कयामत बरपा होगी (फ़रमान होगा) फ़िरओन को सख्त अज़ाब मे डालो|
📚(सूरह मोमिन 40/46)
गौर तलब हैं के यहा अल्लाह फ़िरओन और उसके लोगो के बारे मे बता रहा हैं जबकि फ़िरओन की लाश म्यूज़ियम मे आज तक मौजूद हैं न के कब्र में जबकि अल्लाह फ़रमा रहा हैं की फ़िरओन और उसके लोगो को सुबह शाम आग के सामने खड़ा किया जाता हैं तो जिस तरह फ़िरओन को ये मामला उसकी इस दुनिया की ज़िन्दगी के बाद पेश आ रहा हैं उसी तरह नेक लोगो के साथ अल्लाह का ये मामला हैं की अल्लाह उन्हे अपने तरीके से रोज़ी दे रहा हैं न हमे फ़िरओन के साथ इस मामले के बारे मे पता न ही किसी नेक शख्स के बारे मे पता के उसके साथ कैसे मामला पेश हो रहा हैं| मज़ीद ये के खुद नबी सल्लल लाहो अलैहे वसल्लम के बारे मे अल्लाह ने कुरान मे फ़रमाया-
और मुहम्मद तो बस रसूल हैं इनसे पहले भी बहुत से रसूल गुज़र चुके हैं फ़िर क्या अगर मुहम्मद मर जाये या कत्ल कर दिये जाये तो तुम क्या इस्लाम से उल्टे पांव फ़िर जाओगे तो समझ लो जो कोई उल्टे पांव फ़िर जायेगा तो अल्लाह का कुछ न बिगड़ेगा और जल्द अल्लाह शुक्र अदा करने वालो को अच्छा बदला देगा|
📚(सूरह अल इमरान सूरह नं0 3 – आयत नं0 144)
(ऐ रसूल) बेशक़ तुम को भी मौत आयेगी और ये लोग भी यकीनन मरने वाले हैं|
📚(सूरह ज़ुमर 39/30)
इन दो आयतो मे अल्लाह ने साफ़ तौर पर वाज़े कर दिया के खुद मुहम्मद सल्लल लाहो अलैहे वसल्लम भी इस दुनिया की ज़िन्दगी को छोड़ के मर जायेगें| तो जब अल्लाह के सबसे प्यारे रसूल को मौत आ सकती हैं तो आम इन्सान की क्या हैसियत के वो मरने के बाद भी कब्र मे ज़िन्दा हो और ज़िन्दा होने के साथ-साथ लोगो की हाजते और ज़रुरते भी पूरी कर रहा हैं|
👉👉लिहज़ा कुरान और हदीस की रोशनी मे ये बात साफ़ हैं के कब्रपरस्ती शिर्क हैं और इसे करने वाला शख्स मुसलमान नही हो सकता क्योकि जिसने अल्लाह के सिवाये किसी और को माबूद बना कर उससे हाजते और ज़रुरते तलब करी वो मुसल्मान कैसे हो सकता हैं???
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